नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025 — भारतीय वित्तीय बाज़ार में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियाँ (NBFCs) लगातार अपनी पकड़ मज़बूत कर रही हैं। गोल्ड लोन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Muthoot Finance ने अंतरराष्ट्रीय बांड बाज़ार (International Bond Market) से 600 मिलियन डॉलर (लगभग ₹5,000 करोड़) जुटाए हैं।
फंड का इस्तेमाल
कंपनी ने कहा है कि यह पूंजी मुख्य रूप से गोल्ड लोन कारोबार को विस्तार देने और कर्ज़ चुकाने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। इसके अलावा NBFC सेक्टर में तरलता (Liquidity) बढ़ाने के लिए भी यह कदम अहम माना जा रहा है।
सेक्टर की ग्रोथ
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में NBFCs आने वाले समय में क्रेडिट ग्रोथ का बड़ा हिस्सा योगदान करेंगे। Jefferies की रिपोर्ट भी अनुमान लगाती है कि FY25 में भारत का क्रेडिट सेक्टर लगभग 11% की दर से बढ़ेगा, जिसमें NBFCs की भूमिका काफी अहम होगी।
निवेशकों का भरोसा
Muthoot Finance के इस कदम को निवेशकों का भरोसा जीतने वाली रणनीति माना जा रहा है। कंपनी के शेयरों में आज हल्की बढ़त देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का कहना है कि NBFCs के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से फंड जुटाना उनके ग्लोबल कनेक्शन और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
आगे की राह
फाइनेंशियल सेक्टर एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में हाउसिंग लोन, बिज़नेस लोन और गोल्ड लोन से जुड़ी NBFCs में और तेज़ी देखी जा सकती है।
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