नई दिल्ली, 18 सितंबर 2025 — नवंबर की शुरुआत हो या कोई नया ऋण लेना हो, उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जिनका लोन MCLR (Marginal Cost of Funds-based Lending Rate) से जुड़ा है। इस महीने कुछ प्रमुख बैंकों — HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और इंडियन ओवरसीज बैंक — ने अपने कुछ चुनिंदा लोन टेन्योर के लिए MCLR घटा दी है। इससे उन ग्राहकों को फायदा होगा जिनके EMIs जुड़े हुए हैं। The Economic Times
🔍 मुख्य बातें
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कौन-से बैंक शामिल हैं: HDFC Bank, PNB, BoB, IOB और BOI ने अपने कुछ MCLR टेन्योर में कमी की है। The Economic Times
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किसे मिलेगा फायदा: जिन लोगों के लोन की ब्याज दर MCLR-लिंक्ड है, उनकी EMIs कम हो सकती हैं या पुनर्भुगतान अवधि (repayment tenure) घट सकता है। The Economic Times
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किन बैंक ने नहीं बदला दर: SBI और IDBI बैंक ने अभी तक अपने MCLR में कोई बदलाव नहीं किया है, इसलिए उनके ग्राहकों को अभी यह फायदा नहीं मिलेगा। The Economic Times
⚠️ असर क्या होगा?
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ग्राहक जो भारी ब्याज वाले लोन चुका रहे हैं, उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी।
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बैंकिंग प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी क्योंकि बैंक दर घटा कर ग्राहकों को अपने पास बांधे रखने की कोशिश करेंगे।
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लेकिन यह बदलाव सिर्फ उन ग्राहकों को मिलेगा जिनका लोन MCLR-लिंक्ड है, फिक्स्ड रेट लोन या अन्य प्रकार के लोन पर इसका असर नहीं होगा।
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