भारत में Gold Loans की मांग बढ़ी — अब सिर्फ जटके के समय में नहीं, लोगों की पहली पसंद बनी

नई दिल्ली, 18 सितंबर 2025 — अब गोल्ड लोन सिर्फ ज़रूरी समय में लिया जाने वाला क़र्ज़ नहीं रहा। RBI के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 तक भारत में संपूर्ण गोल्ड-बैक्ड लोन का बकाया लगभग ₹2.94 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी समय की तुलना में लगभग 122% ज़्यादा है। India Today


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  • यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि गोल्ड लोन अब एक ऐसी व्यवस्था बन गई है जिसे आम लोग वित्तीय सुविधा के रूप में समझने लगे हैं, न कि सिर्फ आपातकालीन ज़रूरत। India Today

  • गोल्ड लोन की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे मुख्य कारण हैं लो आवेदन प्रक्रिया, तेज़ मंज़ूरी, कम दस्तावेज़ी प्रक्रिया और ब्याज दरों की तुलनात्मक रूप से सुलभता।

  • कई क्षेत्रों में गोल्ड जौहरी और बैंक दोनों ही गोल्ड लोन की सुविधा दे रहे हैं, जिससे पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर रहने वालों को भी यह ऋण सुलभ हो रहा है।


⚠️ संभावित जोखिम

  • गोल्ड लोन आसान लगते हैं लेकिन जोखिम भी हैं — अगर ब्याज समय पर नहीं चुकाया गया तो जब्त होना संभव है।

  • बढ़ती मांग के साथ, कुछ ऋणदाता एक्स्ट्रा शुल्क या ज़्यादा ब्याज दरों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए व्यक्ति-विशेष को ध्यान देना चाहिए कि वह केवल भरोसेमंद बैंक या संस्थान के पास ही जाए।

  • आर्थिक मंदी या आय में कमी होने पर लोग गोल्ड लोन का बोझ कम-बेशकीमती आभूषण खोने का कारण बने सकता है।

Rutvik Mulani is a skilled automotive blogger behind Hindustan Wave, delivering concise, professional car reviews, industry updates, and practical tips for enthusiasts and buyers in India. His clear, engaging content makes automotive trends accessible and trustworthy.


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