मुंबई, 18 सितंबर 2025 — रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने एक नया स्वतंत्र Advisory Group on Regulation (AGR) स्थापित किया है, जिसका मकसद बैंकिंग एवं वित्त-नियमों में industry feedback यानि स्टेकहोल्डर्स की राय को शामिल करना है। इस ग्रुप के ज़रिए नियमों की समीक्षा और सुधार में ज़्यादा पारदर्शिता और सहभागिता लाने की कोशिश की जाएगी। The Times of India
🔍 मुख्य बिंदु
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AGR को Regulatory Review Cell (RRC) के माध्यम से नियमन (regulation) की नियमित समीक्षा में शामिल किया जाएगा। The Times of India
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इस Advisory Group का अध्यक्ष Rana Ashutosh Kumar Singh, जो कि SBI (State Bank of India) के Managing Director हैं, होंगे। The Times of India
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ग्रुप में बाहरी विशेषज्ञ (external experts) होंगे, और ज़रूरत पडने पर अतिरिक्त विशेषज्ञ भी शामिल किए जा सकेंगे। The Times of India
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शुरुआत में ये ग्रुप तीन साल के लिए काम करेगा, इच्छानुसार यह दो साल के लिए और बढ़ाया भी जा सकता है। The Times of India
⚙️ असर क्या होगा?
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नियम बनाने में इंडस्ट्री यानी बैंकों, NBFCs, वित्तीय संस्थाओं की सुझावों का प्रयोग होगा। इससे नियम ज़्यादा व्यावहारिक (practical) और ज़मीन से जुड़े होंगे।
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बदलाव की प्रक्रिया में लचीलापन आएगा; पुराने नियमों का समय-समय पर पुनः मूल्यांकन (review) होगा।
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वित्तीय संस्थाओं को पता होगा कि जो नियम बनेंगे वो सिर्फ शासकीय या नियामक दबाव से नहीं, बल्कि उनके input के बाद होंगे — विश्वास बढ़ेगा।
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पर शुरुआती समय में कुछ नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव आएँगे, जिनके कारण संस्थाओं को प्रबंधन और कंप्लायंस में एडजस्टमेंट करना पड़ेगा।
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