नई दिल्ली, 18 सितंबर 2025 — भारत की मार्केट रेग्युलेटर SEBI (सेक्रिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया) ने अमेरिकी शॉर्ट सेलर Hindenburg Research द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। इन आरोपों में कहा गया था कि Adani Group ने टैक्स हेवन का इस्तेमाल किया और संबंधित पार्टी (related-party) ट्रांज़ैक्शंस को ठीक से जाहिर नहीं किया। Reuters
🔍 मुख्य बिंदु
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SEBI ने बताया है कि Hindenburg द्वारा आरोपित कई ट्रांज़ैक्शन्स related party transactions नहीं माने जा सकते। Reuters
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साथ ही कहा गया है कि इन ट्रांज़ैक्शंस में बाजार में मैनिपुलेशन (market manipulation) या नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ। Reuters
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2023 में जब ये आरोप लगे थे, तब Adani समूह के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब इस फैसले के बाद शेयरों ने कुछ हद तक वापसी भी की। Reuters
🧮 असर क्या हो सकता है
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निवेशकों में विश्वास बढ़ सकता है क्योंकि SEBI ने आरोपों की जांच की और निष्कर्ष निकाला कि नियमों या डिस्क्लोज़र की किसी भी बड़ी चूक की पुष्टि नहीं हुई।
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Adani समूह के शेयरों पर यह फैसला सकारात्मक असर डाल सकता है क्योंकि जो डर था कि नियम उल्लंघन के कारण सैद्धान्तिक जोखिम हो सकता है, वो कुछ हद तक कम हो गया है।
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लेकिन बाजार की संवेदनशीलता अभी भी बनी हुई है; किसी भी नए आरोप या जानकारी से स्थिति बदल सकती है।
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