नई दिल्ली, 18 सितंबर 2025 — भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक नई कमेटी बनाई है जिसका नाम है Regulatory Review Cell (RRC)। इसका मकसद है कि बैंकिंग और वित्त-से जुड़े नियमों-कायदे हर 5-7 साल में बदलते आर्थिक हालात और उद्योग की ज़रूरतों के अनुसार अपडेट किए जाएँ। Business Standard+2Fortune India+2
🔍 क्या है खास?
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RRC RBI के Department of Regulation के अंदर काम करेगा और 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। Business Standard
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इसके साथ-साथ RBI ने एक External Advisory Group (AGR) भी स्थापित किया है, जिसमें बैंकिंग और वित्त उद्योग के एक्सपर्ट शामिल होंगे। यह समूह नियम-निर्माण में इंडस्ट्री की राय लेगा। Business Standard+2The Times of India+2
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समीक्षा का चक्र हर 5-7 साल का होगा ताकि महत्ता घटने वाले पुराने नियमों को बदलने या हटाने की व्यवस्था हो सके। Fortune India+1
⚠️ संभावित असर
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नियमों की समीक्षा नियमित होगी तो बैंक और फाइनेंस कंपनियों को अपने प्रॉसेस और पॉलिसीज़ को समय-समय पर सुधारना पड़ेगा।
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इंडस्ट्री की आवाज़ (stakeholder feedback) को महत्व मिलेगा, जिससे नियमों में “on ground realities” का ध्यान रखा जाएगा।
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इसके चलते बदलाव की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो सकती है, लेकिन शुरुआत में कुछ बैंकों को एडजस्टमेंट करना पड़ेगा जैसा कि सिस्टम, कंप्लायंस आदि में बदलाव हो।
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