सितंबर की शुरुआत में भारत में क्रेडिट ग्रोथ ने जमा को पीछे छोड़ा — रिटेल लोन बढ़ेंगे FY26 में

Follow On WhatsApp

Join Channel

नई दिल्ली, 18 सितंबर 2025 —
हाल ही में सार्वजनिक हुए आंकड़ों के अनुसार भारत के बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ जमाओं (Deposits) की बढ़त से आगे निकल गई है। ये डेटा 5 सितंबर की फोर्टनाइट अवधि (दो-हफ्ते) का है। यह रुझान बताता है कि उधार मांग (loan demand) बढ़ रही है, खासकर रिटेल लोन (उपभोक्ता लोन) के क्षेत्र में। The Economic Times


मुख्य बातें

  • इस समय बैंकिंग सिस्टम में ऋण देने की गति जमा राशि की तुलना में ज़्यादा तेज़ रही है, जिससे बैंकों के लिए लिक्विडिटी मैनेजमेंट की चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। The Economic Times

  • हालांकि, इस ग्रोथ की दर पिछले साल की इसी अवधि से अभी भी कम है, यह संकेत है कि वृद्धि तो हुई है लेकिन बहुत ज़ोरदार नहीं। The Economic Times

  • भविष्य-वित्त वर्ष 2026 (FY26) में इस तरह की रिटेल लोन की डिमांड से बैंकिंग सेक्टर में विस्तार होने की उम्मीद है। उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी, क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल, होम लोन, वाहन लोन जैसी चीजों में मांग में इजाफा हो सकता है। The Economic Times


असर क्या हो सकता है?

  • उपभोक्ताओं के लिए: यदि लोन मिलना आसान होगा, तो लोग बड़े खर्च कर सकेंगे — होम खरीद, गाड़ी, उपभोग की चीजें बढ़ सकती हैं।

  • बैंकों के लिए: जमा इनकम (deposit income) के मुकाबले ऋण देने से ज़्यादा जोखिम उठाना पड़ेगा — ब्याज दर, डिफॉल्ट जोखिम, नकदी (liquidity) जरूरतें बढ़ जाएँगी।

  • बाजार भावना: इस खबर से शेयर मार्केट में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सकारात्मक रुझान हो सकता है, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद होगी कि बैंकों की कमाई में सुधार होगा।

Tags

No comments to show.

HINDUSTAN WAVE

Pages