नई दिल्ली, 18 सितंबर 2025 —
Reserve Bank of India (RBI) के ताज़ा आंकड़ों द्वारा ये पता चला है कि भारत में क्रेडिट कार्ड बकाया राशि (outstanding dues) चार वर्षों में लगभग 2.2 गुना बढ़ गई है। जुलाई 2021 में यह राशि लगभग ₹1.32 लाख करोड़ थी, जबकि जुलाई 2025 में यह बढ़कर ₹2.91 लाख करोड़ हो गई। India Today
🔍 विस्तार से ये है मामला:
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बकाया वृद्धि सिर्फ राशि में नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि ग्राहक अब ज्यादा क्रेडिट कार्ड उपयोग कर रहे हैं, और खरीददारी को EMI में बदलने जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ा है। India Today
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बैंक और फिनटेक कंपनियां ग्राहकों को EMI पर ऑफर देने और कार्ड खर्च को आसान बनाने की रणनीति अपना रही हैं, जिससे कार्ड उपयोग बढ़ रहा है। India Today
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इस बढ़ोतरी के बावजूद, बकाया समय पर ना चुकने (delays or defaults) के मामले और बढ़ने की संभावना भी है। इसलिए विश्लेषक और बैंक इस दिशा में सतर्क हैं कि बढ़ी हुई ब्याज दरें, शुल्क और वसूली न बढ़ जाएँ। India Today
⚠️ क्या चिंताएँ हैं?
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ऊँचा क्रेडिट कार्ड बकाया ब्याज़ दरों और अतिरिक्त शुल्क के कारण ग्राहकों की वित्तीय स्थिति पर दबाव डाल सकता है।
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अगर repayment क्षमता नहीं हुई तो default और लेट फीस (late fee) जैसे चार्जेस बढ़ेंगे।
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बैंक और फिनटेक सेक्टर के लिए यह संवेदनशील मुद्दा है — उन्हें risk management, ग्राहक जागरूकता और बेहतर नियम-पालन (regulation compliance) पर ध्यान देना होगा।
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