नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025 — भारत के वित्तीय क्षेत्र में आने वाले महीनों में तेज़ी देखने को मिल सकती है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश का वित्तीय सेक्टर करीब 11% क्रेडिट ग्रोथ दर्ज कर सकता है।
Jefferies इंडिया के विश्लेषक प्रखर शर्मा ने बताया कि इस ग्रोथ में सिर्फ बैंक ही नहीं बल्कि NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियाँ), इंश्योरेंस कंपनियाँ, एसेट मैनेजर्स और फिनटेक सेक्टर भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रोथ के पीछे कारण
विश्लेषण के मुताबिक इस वृद्धि की बड़ी वजहें हैं:
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RBI की संभावित ब्याज दरों में कटौती
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टैक्स और GST से जुड़े सुधार
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नियामकीय बदलाव, जिनसे निवेशकों का भरोसा मज़बूत हुआ है
संभावित चुनौतियाँ
हालांकि अनुमान सकारात्मक है, लेकिन सेक्टर के सामने कई चुनौतियाँ भी हैं। बढ़ती प्रतिस्पर्धा से मुनाफे पर दबाव बन सकता है, ब्याज दरों में अचानक बदलाव असर डाल सकता है और नीतिगत अनिश्चितताएँ भी रिस्क बढ़ा सकती हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बैंकिंग, NBFCs और फिनटेक कंपनियों में निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं, लेकिन सतर्क रहना ज़रूरी है क्योंकि बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
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